शेयर मार्केट इन दिनों खबरों से चल रहा है. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्र्म्प की टैरिफ पॉलिसी मार्केट के लिए भारी पड़ रही है और भारतीय बाज़ार भी भारी बिकवाली के दबाव में हैं. मार्केट में वॉलिटिलिटी भरपूर है और वोलिटिलिटी इंडेक्स India VIX बढ़ रहा है. बढ़ते विक्स और बाज़ार की अनिश्चित स्थिति में नॉन डायरेक्शनल ऑप्शन बाइंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है. अगले कुछ दिनों बाज़ार ग्लोबल मार्केट से आने वाली हर खबर पर रिएक्शन देखा जा सकता है.इम्प्लॉइड वोलैटिलिटी बढ़ सकती है, जिससे किसी एक तरफ के ऑप्शन प्रीमियम तेज़ी से बढ़ सकते हैं. इन परिस्थितियों में निफ्टी की अगली वीकली एक्सपायरी (17 अप्रैल 2025 की एक्सपायरी) में लॉन्ग स्ट्रैडल स्ट्रैटेजी डिप्लॉय की जा सकती है. लॉन्ग स्ट्रैडल एक ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीलॉन्ग स्ट्रैडल एक ऑप्शन ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है जो तब उपयोग की जाती है जब यह उम्मीद होती है कि स्टॉक या इंडेक्स (जैसे निफ्टी)के प्राइस में किसी एक तरफ ज़बरदस्त मूवमेंट होगी, लेकिन यह सुनिश्चित नहीं होता कि यह मूवमेंट ऊपर की ओर होगी या नीचे की ओर होगी. इस स्ट्रैटेजी में एक ही स्ट्राइक प्राइस और एक ही एक्सपायरी डेट के साथ एक कॉल ऑप्शन और एक पुट ऑप्शन दोनों को खरीदना शामिल होता है. यह स्ट्रैटेजी वोलैटिलिटी से भरपूर मार्केट में अपनाई जाती है. निफ्टी में एक स्ट्राइक प्राइस के कॉल और पुट खरीदनाइस वर्तमान निफ्टी लेवल से समझें कि निफ्टी फिलहाल 22900 के लेवल पर है.इसमें 17 अप्रैल की एक्सपायरी के 22900 के स्ट्राइक प्राइस का कॉल (प्रीमियम 213 रुपए) और 22900 स्ट्राइक प्राइस का पुट (प्रीमियम 196 रुपए) एक साथ बाय करना होता है. कुल प्रीमियम 410 रुपए प्रति लॉट देना होता है. अभी 17 अप्रैल की एक्सपायरी में समय है. तब तक इन वोलेटाइल कंडिशन में निफ्टी तेज़ी से किसी एक और मूव कर सकता है और ऐसा होने पर दोनों स्ट्राइक प्राइस के क्यूमेलिटिव प्रीमियम 410 रुपए से कहीं अधिक हो सकते हैं. इससे यह स्ट्रैटेजी ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए बहुत प्रॉफिटेबल हो सकती है. इस स्ट्रैटेजी में अगर क्यूमेलिटिव प्रीमियम 25 से 30 प्रतिशत मेल्ट होने लगे तो इस स्ट्रैटेजी में स्टॉप लॉस ले लेना चाहिए. टारगेट के लिए इसमें 40% क्यूमेलिटिव प्रीमियम बढ़ने पर प्रॉफिट बुक किया जा सकता है. लॉन्ग स्ट्रैडल स्ट्रैटेजी को समझेंकॉल ऑप्शन खरीदना: यह आपको अधिकार देता है (बाध्यता नहीं) कि आप एक निश्चित स्ट्राइक प्राइस पर इंडेक्स बाइंग कर सकते हैं. पुट ऑप्शन खरीदना: यह आपको अधिकार देता है कि आप उसी स्ट्राइक प्राइस पर इंडेक्स को बेच सकते हैं.टारगेट : यदि बाजार में बड़ी हलचल होती है (चाहे ऊपर या नीचे) तो एक ऑप्शन का मुनाफा दूसरे ऑप्शन के प्रीमियम की लागत को कवर करेगा और प्रॉफिट देगा.स्ट्रैटेजी का रिस्क : यदि मार्केट में कोई बड़ी हलचल नहीं होती है तो दोनों ऑप्शंस का प्रीमियम गिर सकता है और पूरी प्रीमियम मेल्ट हो सकती है, इसलिए इस स्ट्रैटेजी में स्टॉप लॉस का पालन करना आवश्यक है.
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